विपक्ष के विरोध से नहीं चली कार्यवाही, दोनों सदनों में मचा घमासान
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में नीट (NEET) परीक्षा विवाद को लेकर भारी हंगामा देखने को मिला। विपक्षी सांसदों द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की लगातार मांग और जोरदार नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। लोकसभा की अगली बैठक अब 27 जुलाई 2026 (सोमवार) को सुबह 11 बजे निर्धारित की गई है।
रिजिजू की अपील: "चर्चा नहीं होने से जाएगा गलत संदेश"
हंगामे के बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में अपनी बात रखते हुए विपक्ष से सहयोग की अपील की। रिजिजू ने बताया कि उन्होंने कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल से एक बार फिर अनुरोध किया है कि जब सभी दल नीट मुद्दे पर चर्चा के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमत हैं, तो सदन में सार्थक बहस होनी चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी देश को पारदर्शी जांच और सख्त कार्रवाई का भरोसा दे चुके हैं।
सोनम वांगचुक के अनशन और चर्चा की मांग का दिया हवाला
किरेन रिजिजू ने अपने वक्तव्य में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक ने सरकार के आश्वासन के बाद अपना 26 दिनों का अनशन समाप्त कर दिया है और उन्होंने भी संसद में इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा की मांग रखी है। संसदीय कार्य मंत्री ने विपक्ष को आगाह करते हुए कहा कि यदि ऐसे संवेदनशील और राष्ट्रीय महत्व के विषय पर संसद में सार्थक चर्चा नहीं होती है, तो इसका पूरे देश और छात्रों के बीच बहुत ही नकारात्मक और गलत संदेश जाएगा।



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