मुंबई में अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का पर्दाफाश, अमेरिका-कनाडा के लोगों को ठगा
मुंबई। मुंबई की मुलुंड पुलिस ने साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश किया है। मुलुंड पश्चिम के एक आवासीय फ्लैट में चल रहे फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर पर छापेमारी कर पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। ये आरोपी अमेरिका और कनाडा के नागरिकों को ठगने का काम कर रहे थे। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान और नकदी बरामद की है। मुलुंड पुलिस ने बताया कि गोपनीय सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सूचना मिली थी कि मुलुंड कॉलोनी क्षेत्र में कुछ लोग फर्जी कॉल सेंटर चला रहे हैं। वे खुद को अमेरिका स्थित बैंक या वित्तीय कंपनी का अधिकारी बताकर विदेशी नागरिकों को तुरंत ऋण देने का लालच देते हैं। पीड़ितों से प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पैसे वसूलते हैं, लेकिन ऋण कभी नहीं देते। पुलिस ने जब फ्लैट पर छापा मारा तो वहां सागर गुप्ता मुख्य संचालक निकला। सागर ने इस धंधे के लिए अभिषेक सिंह, तन्मय धाड़ सिंह, शैलेश शेट्टी और रोहन को नियुक्त किया था। सभी आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए। पुलिस को 2 लैपटॉप, 11 मोबाइल, 2 राउटर और 76,000 रुपए नकद बरामद हुए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी कॉल सेंटर में खुद को लेंडिंग पॉइंट नामक वित्तीय कंपनी का कर्मचारी बताते थे। वे ई-सिम कार्ड का इस्तेमाल कर पीड़ितों से संपर्क करते थे। शिकार को असुरक्षित वेतन-दिवस ऋण देने का वादा करते थे। न्यूनतम प्रोसेसिंग शुल्क जमा करने के बाद भी पीड़ितों को कुछ नहीं मिलता। इस तरह से लाखों रुपए की ठगी की जाती थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी बिना किसी वैध अनुमति के यह अवैध कॉल सेंटर चला रहे थे।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ने कहा कि यह एक सुनियोजित अंतरराष्ट्रीय ठगी का गिरोह था। सभी सबूत जब्त कर लिए गए हैं। पीड़ितों की संख्या का पता लगाने के लिए डिजिटल फोरेंसिक जांच की जा रही है। विदेशी एजेंसियों से भी संपर्क किया जाएगा।



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