इंग्लैंड क्रिकेट टीम में बवाल, स्टार खिलाड़ी ने चयन पर उठाए सवाल
इंग्लैंड के ऑलराउंडर लियाम लिविंगस्टोन ने टीम प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा कोचिंग सेट-अप में खिलाड़ियों के साथ सही संवाद और सम्मान की कमी है। लिविंगस्टोन ने यह भी संकेत दिया कि मौजूदा व्यवस्था में उनकी इंग्लैंड टीम में वापसी मुश्किल हो सकती है। ईएसपीएन-क्रिकइन्फो को दिए इंटरव्यू में लिविंगस्टोन ने टीम से बाहर किए जाने की प्रक्रिया और उससे जुड़े अनुभवों को साझा किया, जिसने इंग्लैंड क्रिकेट में नई बहस छेड़ दी है।लिविंगस्टोन ने अपना पिछला अंतरराष्ट्रीय मैच फरवरी 2025 में भारत के खिलाफ खेला था। यह एक टी20 मैच था। इसके बाद से इंग्लैंड के टी20 सेटअप में उनकी जगह विल जैक्स खेल रहे हैं। जैक्स ने हाल ही में हुए टी20 विश्वकप में भी शानदार प्रदर्शन किया था। ऐसे में लिविंगस्टोन की वापसी की उम्मीदें बेहद कम हैं।
'फोन पर दी गई टीम से बाहर होने की खबर'
लिविंगस्टोन ने बताया कि मार्च 2025 में खराब फॉर्म के कारण उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया था। हालांकि, जिस तरीके से उन्हें यह सूचना दी गई, उससे वह काफी हैरान थे। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड के मुख्य कोच ब्रैंडन मैकुलम का फोन आया और वह कॉल एक मिनट से भी कम समय का था।लिविंगस्टोन ने कहा, 'मैंने पूछा कि मुझे क्यों बाहर किया गया। उन्होंने कहा कि वे किसी और को मौका देना चाहते हैं। यह बात बैज (मैकुलम) ने कही थी। चयनकर्ता ल्यूक राइट ने मुझसे संपर्क नहीं किया और कप्तान हैरी ब्रूक ने सिर्फ एक मैसेज भेजा।' उनका मानना है कि इस घटना ने टीम के माहौल को लेकर उनकी सोच बदल दी।
ईसीबी प्रबंधन पर भी उठाए सवाल
लिविंगस्टोन ने इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड के प्रबंध निदेशक रॉब की पर भी संवाद की कमी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'कीसी (रॉब की) ने कुछ नहीं कहा। उन्होंने बस इतना कहा कि गर्मियों में बात करेंगे। मैंने एक दिन उन्हें फोन किया तो उन्होंने कहा कि वह लॉफबोरो में टेस्ट कैंप में व्यस्त हैं। इसके बाद सितंबर के अंत तक उनसे कोई बात नहीं हुई।' लिविंगस्टोन के मुताबिक, यह अनुभव उनके लिए आंखें खोल देने वाला था।
'अगर टीम में हो तो सब ठीक, नहीं तो कोई परवाह नहीं'
इंग्लैंड के इस ऑलराउंडर का कहना है कि मौजूदा टीम माहौल में खिलाड़ियों के साथ व्यवहार काफी अलग-अलग है। उन्होंने कहा, 'उस अनुभव ने मुझे यह एहसास कराया कि अगर आप टीम में हैं तो सब ठीक है, लेकिन अगर आप टीम से बाहर हैं तो किसी को आपकी परवाह नहीं होती।' हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इस अनुभव के बाद उन्होंने अपने खेल का आनंद लेना शुरू कर दिया।
'तुम बहुत ज्यादा परवाह करते हो'
लिविंगस्टोन ने 2025 के चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान अपने संघर्षों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने कोचिंग स्टाफ से मदद मांगी तो उन्हें अलग ही जवाब मिला। उन्होंने कहा, 'मैं मदद मांग रहा था, लेकिन मुझे यही कहा गया कि मैं बहुत ज्यादा परवाह करता हूं और मुझे थोड़ा शांत रहना चाहिए, सब कुछ अपने आप ठीक हो जाएगा।' लिविंगस्टोन का मानना है कि जब प्रदर्शन अच्छा नहीं होता, तो खिलाड़ी का चिंतित होना स्वाभाविक है।
भविष्य को लेकर अनिश्चितता
लगातार खराब फॉर्म और टीम से बाहर होने के बाद लिविंगस्टोन की अंतरराष्ट्रीय वापसी फिलहाल मुश्किल नजर आ रही है। मौजूदा कोचिंग सेट-अप के रहते उन्होंने संकेत दिया कि उनकी वापसी की संभावना कम है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने खेल पर ध्यान दे रहे हैं और भविष्य में मौके की उम्मीद अभी भी बाकी है।



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