कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान बने दादा, घर आई नन्ही परी
भोपाल। केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ‘दादा’ बन गए हैं. दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल में उनके बेटे कार्तिकेय की पत्नी अमानत ने बेटी को जन्म दिया है. पोती के आने पर चौहान परिवार में खुशी का माहौल है. सोशल मीडिया लोगों के बधाई देने का सिलसिला जारी है।
शिवराज सिंह चौहान ने खुशी जाहिर की
कार्तिकेय और अमानत के घर बेटी के जन्म पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खुशी जाहिर की है. उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करके लिखा कि हमारे घर आज लाडली लक्ष्मी आई है. कार्तिकेय पिता बन गए. अमानत मां. कोकिला अब दादी जी हैं और मैं दादा. कुणाल और ऋद्धि चाचा और चाची. अनुपम जी नाना, रुचिता जी नानी और आर्यन मामा. उन्होंने आगे लिखा कि 2025 में हमारे घर दो बेटियां आई अमानत और ऋद्धि. 2026 में फिर बेटी इला का शुभ आगमन हुआ. स्वागतम लक्ष्मी, साधना शिवराज।
पोती के कान में सुनाया ‘गायत्री मंत्र’
जब डॉक्टर्स नवजात बेटी को बाहर लेकर आए तो परिवार में गजब का उत्साह देखने को मिला. पूरा माहौल आध्यात्मिक रहा. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान लगातार गायत्री मंत्र का जाप करते रहे. जब उन्होंने पोती को गोद में लिया तो उसके कान में गायत्री मंत्र सुनाया।
2025 में अमानत-कार्तिकेय की शादी हुई थी
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बड़े बेटे कार्तिकेय सिंह की शादी अमानत बंसल के साथ मार्च 2025 में हुई थी. अमानत राजस्थान के उदयपुर की रहने वाली हैं और देश के प्रमुख उद्योगपति की बेटी है. दोनों शादी जोधपुर स्थित उम्मेद भवन पैलेस में हुई थी. अमानत स्टार्टअप कंपनी कोडी की संस्थापक भी रह चुकी हैं.उनकी मां रुचिता बंसल भी बिजनेस से जुड़ी हैं. इजहार नाम की एक संस्था चलाती हैं. अमानत के पिता अनुपम बंसल लिबर्टी शूज के कार्यकारी निदेशक हैं।



राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (20 मार्च 2026)
धान से मक्का की ओर बढ़ते कदम :फसलचक्र परिवर्तन से धमतरी के किसानों की बढ़ी आय, जल संरक्षण को मिली नई दिशा
झारखंड के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की टीम ने छत्तीसगढ़ संवाद द्वारा प्रकाशित ‘रोजगार और नियोजन’ की ली जानकारी
बिहान योजना से फुलकुंवर बनीं आत्मनिर्भर उद्यमी
दुर्घटना की एक्सपर्ट से हर पहलू की करायी जायेगी गहन जाँच : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
विक्रमादित्य ने सुशासन के प्रतिमान स्थापित किए, 2 हजार साल बाद भी उनके आदर्श प्रासंगिक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव