वाराणसी में बाढ़ की स्थिति को देख प्रशासन अलर्ट
वाराणसी । पहाड़ी क्षेत्रों में भीषण बारिश, मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ में नदियों में उफान के कारण उत्तर प्रदेश के पूर्वी जनपदों में इसका असर देखने को मिल रहा है। वाराणसी में गंगा छह सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से बढ़ रही है। इस समय गंगा का जल स्तर 65.9 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जब कि चेतावनी बिंदु 70.2 मीटर और खतरा बिंदु 71.2 मीटर है। गंगा के जलस्तर में जिसप्रकार बढ़ाव जारी है, आगामी 2-3 दिनों में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर सकता है। उन्नाव जनपद में गंगा खतरा बिंदु को पार गयी है, जब की गंगा के तट पर बसे कानपुर, प्रयागराज, भदोही, मिर्जापुर, गाज़ीपुर और बलिया में गंगा का जल तेजी से बढ़ रहा है।
बलिया जनपद में गंगा मे मिलने वाली सरयू नदी में बाढ़ का पानी ज्यादा होने के कारण बलिया में गंगा का जल रिवर्स फ्लो की ओर है।
वाराणसी में बढ़ते जलस्तर के कारण वाराणसी में घाटों का आपसी संपर्क टूट गया है। घाटों पर शाम को की जाने वाली नियमित गंगा आरती के स्थलों में बदलाव किया गया है, जिससे श्रद्धांलुओं को काफ़ी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। वाराणसी के प्रसिद्ध शवदाह स्थल हरिश्चन्द्र घाट व मनिकार्निका घाट पूरी तरह डूब गया है और शवदाह कार्यक्रम सड़को पर किया जा रहा है।
वाराणसी में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह तैयारी में जुट गया है। कोई अप्रिय घटना न हो, गंगा में नावों के संचालन पर प्रशासन ने रोक लगा रखा है।



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