नई दिल्ली। वैश्विक और घरेलू दोनों बाजारों में शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए जारी कूटनीतिक प्रयासों में ठहराव आने के बाद निवेशकों द्वारा की गई मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) से कीमती धातुओं के भाव दबाव में आ गए। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की कमजोर संभावनाओं के चलते लंबी अवधि में सोने-चांदी का सकारात्मक रुख बरकरार रह सकता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार (कॉमेक्स) पर कीमती धातुओं का हाल

वैश्विक बाजार कॉमेक्स पर सुबह से ही सुस्ती का माहौल देखा गया, जो दिनभर कायम रहा:

  • सोना: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 48.10 डॉलर की गिरावट के साथ करीब 4,370 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जबकि इसका पिछला बंद भाव 4,420.40 डॉलर था।

  • चांदी: चांदी का भाव भी 0.86 डॉलर फिसलकर 64.13 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जो पिछले सत्र में 64.99 डॉलर पर बंद हुआ था।

घरेलू बाजार (एमसीएक्स) में भारी गिरावट

भारतीय वायदा बाजार (MCX) पर भी अंतरराष्ट्रीय बाजारों की मंदी का सीधा असर देखने को मिला:

  • सोना वायदा: सोने का अक्टूबर वायदा अनुबंध 1,117 रुपये टूटकर 1,52,349 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया (पिछला बंद: 1,54,882 रुपये)। इससे पहले दिन में यह 1,53,200 रुपये पर खुला था।

  • चांदी वायदा: चांदी का सितंबर वायदा अनुबंध 1,861 रुपये घटकर 2,33,586 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया (पिछला बंद: 2,35,447 रुपये)। चांदी की शुरुआत 1,667 रुपये की गिरावट के साथ 2,33,780 रुपये पर हुई थी।

गिरावट की मुख्य वजह और आगे का रुझान

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों ने अल्पकालिक मुनाफावसूली का रुख अपनाया, जिससे कीमतों पर दबाव बना। हालांकि, अमेरिकी केंद्रीय बैंक (फेडरल रिजर्व) की मौद्रिक नीति में नरमी की उम्मीदें सर्राफा बाजार को एक मजबूत सहारा दे रही हैं, जिससे आगे चलकर इन धातुओं के भाव में फिर से तेजी लौटने के आसार हैं।