जिम्बाब्वे दौरा टीम इंडिया के लिए क्यों है खास? श्रेयस अय्यर की कप्तानी से नए चेहरों तक सब पर नजर
आयरलैंड और इंग्लैंड के विरुद्ध हाल ही में हाथ लगी सीरीज की निराशाजनक हार के बाद, भारतीय टी20 क्रिकेट टीम जिम्बाब्वे के खिलाफ आगामी तीन मैचों की श्रृंखला के लिए हरारे पहुंच चुकी है। कप्तान श्रेयस अय्यर के लिए यह विदेशी दौरा अंतरराष्ट्रीय टी20 प्रारूप में अपनी नेतृत्व क्षमता को साबित करने का एक सुनहरा अवसर है। आईपीएल 2026 के तुरंत बाद कप्तानी की बागडोर संभालने वाले अय्यर के लिए पिछले कुछ महीने काफी चुनौतीपूर्ण रहे हैं, हालांकि एक बल्लेबाज के रूप में उनका व्यक्तिगत प्रदर्शन और बल्ला लगातार शानदार अंदाज में गरज रहा है। विकेटकीपर संजू सैमसन की अनुपस्थिति में भारतीय टीम के शीर्ष क्रम का प्रदर्शन देखने लायक होगा, जबकि युवा तेज गेंदबाजों की चौकड़ी भी इस दौरे पर क्रिकेट प्रेमियों का विशेष ध्यान खींचेगी।
श्रेयस अय्यर की कप्तानी में हारी गईं पिछली दो टी20 सीरीज
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भारत ने इस साल की शुरुआत में सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में शानदार प्रदर्शन करते हुए टी20 विश्व कप के खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया था।
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इसके बाद चयनकर्ताओं ने आयरलैंड के खिलाफ खेली गई टी20 सीरीज से ठीक पहले टीम में बड़ा बदलाव करते हुए युवा बल्लेबाज श्रेयस अय्यर को टी20 टीम की कमान सौंप दी।
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हालांकि, श्रेयस की अगुआई में उतरी भारतीय टीम को पहले आयरलैंड के खिलाफ 0-2 से करारी हार का सामना करना पड़ा।
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इस झटके के बाद टीम इंडिया को इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई पांच मैचों की लंबी टी20 सीरीज में भी 0-4 से शर्मनाक हार झेलनी पड़ी।
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अब इन असफलताओं को पीछे छोड़ते हुए गुरुवार से भारत और जिम्बाब्वे के बीच रोमांचक टी20 सीरीज का आगाज होने जा रहा है।
युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के पास अंतिम एकादश में जगह पक्की करने का सुनहरा मौका
बल्लेबाजी क्रम में शीर्ष पर मौजूद युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी के पास अंतरराष्ट्रीय टी20 टीम में अपनी स्थायी जगह पक्की करने का एक बेहतरीन अवसर रहेगा। इस साल के प्रारंभ में अंडर-19 विश्व कप के खिताबी मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ एक मैच जिताऊ और ऐतिहासिक पारी खेलने वाले सूर्यवंशी को इस सीरीज के मुकाबलों में प्लेइंग इलेवन में मौका मिलने की पूरी उम्मीद है। हालांकि, इंग्लैंड के दौरे पर अपनी शुरुआती पारियों के दौरान वे तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर की घातक शॉर्ट गेंदों के सामने थोड़े असहज नजर आए थे, जिसका फायदा उठाने के लिए जिम्बाब्वे के अनुभवी तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी और रिचर्ड नगारवा पूरी तरह से तैयार होंगे।
निचले क्रम को मजबूती प्रदान करने के लिए हुई फिनिशर रिंकू सिंह की वापसी
भारतीय टीम के निचले क्रम और बल्लेबाजी की रीढ़ को और अधिक मजबूती देने के लिए विस्फोटक बल्लेबाज रिंकू सिंह की राष्ट्रीय टीम में वापसी हुई है। निजी जीवन में आई क्षति और आईपीएल के शुरुआती चरण में खराब फॉर्म के दौर से सफलतापूर्वक उबरने के बाद, रिंकू ने अपने बल्लेबाजी ट्रिगर मूवमेंट में कुछ महत्वपूर्ण तकनीकी सुधार किए हैं। इन बदलावों से उन्हें लेग-साइड की दिशा में बड़े और लंबे छक्के लगाने में काफी मदद मिली है। इस सुधार प्रक्रिया में कोच अभिषेक नायर की भूमिका बेहद अहम रही है, जो कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के भी मुख्य कोच हैं। भारतीय टीम प्रबंधन एक बार फिर डेथ ओवरों की आक्रामक बल्लेबाजी को धार देने के लिए रिंकू की शानदार फिनिशिंग क्षमताओं पर पूरा भरोसा जता रहा है।
चोट से उबरकर वापसी कर रहे तेज गेंदबाज मयंक यादव पर रहेंगी सबकी नजरें
गेंदबाजी आक्रमण की बात करें तो, चोट की गंभीर समस्याओं से पूरी तरह उबरकर मैदान पर लौट रहे तेज गेंदबाज मयंक यादव पर हर किसी की निगाहें टिकी होंगी। लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहने के बाद वापसी कर रहे मयंक को अपनी पुरानी लय और धार साबित करनी होगी। उनके साथ इस गेंदबाजी इकाई में दो युवा और प्रतिभाशाली अनकैप्ड तेज गेंदबाज अशोक शर्मा और यश ठाकुर भी शामिल हैं। अशोक शर्मा ने आईपीएल के इस सीजन में 154.7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंककर तहलका मचा दिया था, जबकि यश ठाकुर ने घरेलू क्रिकेट में शानदार गेंदबाजी करते हुए विदर्भ को विजय हजारे ट्रॉफी जिताने में अहम भूमिका निभाई थी और कुल 19 विकेट चटकाए थे। इन युवा गेंदबाजों और अनुभवी बल्लेबाजों के साथ भारतीय टीम जिम्बाब्वे की सरजमीं पर जीत की पटरी पर लौटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।
जिम्बाब्वे दौरे के लिए घोषित भारतीय टी20 टीम
श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, तिलक वर्मा, अभिषेक शर्मा, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, हर्ष दुबे, ईशान किशन (विकेटकीपर), प्रभसिमरन सिंह, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, मयंक यादव, अशोक शर्मा और रवि बिश्नोई।



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