मध्यप्रदेश के लिए रूपए 5,00,856 करोड़ की वार्षिक ऋण योजना 2026-27 जारी
भोपाल : मुख्य सचिव अनुराग जैन ने मंत्रालय में शुक्रवार को वित्त विभाग के अधिकारियों और राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी के समन्वयक से कहा है कि वे जिलों से प्राप्त जिला स्तरीय क्रेडिट प्लान का हर हाल में क्रियान्वयन कर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को और सुदृढ़ बनाएं। मुख्य सचिव जैन ने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति द्वारा प्रस्तुत वार्षिक साख योजना 2026-27 का विमोचन कर जारी की। विमोचन के दौरान अपर मुख्य सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, आयुक्त संस्थागत वित्त सुसोनिया मीना, क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय रिजर्व बैंक सुसुजाता लाल, उपमहाप्रबंधक नाबार्ड विजेंद्र सिंह, उपमहाप्रबंधक राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति पवन कुमार अग्रवाल, भारतीय स्टेट बैंक के महाप्रबंधक निशंका रॉय सहित अन्य बैंक के अधिकारी उपस्थित हुये।
जारी क्रेडिट प्लान के अनुसार कुल वार्षिक ऋण योजना रुपए 5,00,856 करोड़ निर्धारित की गई है। जो गत वर्ष के लक्ष्य 4,19,110 करोड़ रूपए का 119.50 प्रतिशत है। कृषि क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए फार्म क्रेडिट के लिए 1,28,866 करोड़ रुपए का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जो गत वर्ष के लक्ष्य का 106.56 प्रतिशत तथा उपलब्धि का 120.56 प्रतिशत अधिक है।
फसल ऋण (Crop Loan) का लक्ष्य रुपए 88,638 करोड़ रूपये रखा गया है, जो गत वर्ष के लक्ष्य का 101.22 प्रतिशत तथा उपलब्धि का 122.36 प्रतिशत है। कुल कृषि क्षेत्र के लिए रुपए 1,65,117 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जो गत वर्ष के लक्ष्य से 113.07 तथा उपलब्धि का 121.85 प्रतिशत है।
मध्यप्रदेश शासन की उद्योगोन्मुखी नीतियों को देखते हुए एमएसएमई क्षेत्र के लिए 1,62,967 करोड़ रुपए का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है जो पिछले वर्ष के लक्ष्य का 121.64 प्रतिशत तथा उपलब्धि का 120.90 प्रतिशत है। नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की गई है। इस क्षेत्र का लक्ष्य गत वर्ष के लक्ष्य की तुलना में 731.11 प्रतिशत तथा उपलब्धि की तुलना में 167.70 प्रतिशत बढ़ाया गया है। प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र के लिए कुल 3,45,915 करोड़ रुपए का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो कुल वार्षिक ऋण योजना का लगभग 69 प्रतिशत है तथा गत वर्ष के लक्ष्य का 117.76 प्रतिशत एवं उपलब्धि का 121.58 प्रतिशत है।
बैठक में विश्वास व्यक्त किया गया कि समस्त बैंकों के साथ ही राज्य शासन के विभागों, भारतीय रिज़र्व बैंक, नाबार्ड तथा सभी संबंधित एजेंसियों के समन्वित प्रयास से वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान राज्य में समयबद्ध ऋण प्रवाह सुनिश्चित करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति की जाएगी।



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