भारत का गोल्ड सेक्टर बदल रहा रुख, खपत से निवेश की ओर झुकाव
नई दिल्ली। भारत का स्वर्ण (गोल्ड) क्षेत्र इस समय बड़े संरचनात्मक बदलाव के दौर से गुजर रहा है, जहां मांग का स्वरूप खपत आधारित से निवेश आधारित होता जा रहा है। आईसीआरए और एसोचैम की संयुक्त रिपोर्ट के अनुसार, देश में घरेलू खनन उत्पादन बेहद कम होने के कारण भारत अब भी सोने के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है। रिपोर्ट में इस निर्भरता को कम करने के लिए संगठित रिफाइनिंग और रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया गया है। साथ ही, गोल्ड डोरे (कच्चा सोना) पर कम आयात शुल्क बनाए रखने और IGDS मानकों वाले बार्स को व्यापक स्वीकार्यता देने की सिफारिश की गई है, ताकि घरेलू रिफाइनर वित्तीय बाजारों से बेहतर जुड़ सकें। इसके अलावा, गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम (GMS) को फिर से प्रभावी बनाने की जरूरत बताई गई है, क्योंकि शुरुआत से ही इसमें सीमित भागीदारी देखने को मिली है। रिपोर्ट के मुताबिक, भावनात्मक जुड़ाव और पारंपरिक सोच के कारण लोग अपने आभूषण इस योजना में शामिल करने से हिचकते हैं। रिपोर्ट ने सुझाव दिया है कि योजना को सरल बनाया जाए, इसके लाभों के बारे में बेहतर जानकारी दी जाए और संगठित ज्वैलर्स को इस प्रक्रिया में शामिल कर लोगों का भरोसा बढ़ाया जाए, ताकि देश में मौजूद निष्क्रिय सोने को आर्थिक रूप से उपयोग में लाया जा सके।
तेलंगाना में निवेश की बड़ी छलांग, दावोस से 2.19 लाख करोड़ के 44 समझौते
तेलंगाना सरकार ने वैश्विक निवेश आकर्षित करने की दिशा में बड़ी सफलता हासिल की है। राज्य के उद्योग मंत्री श्रीधर बाबू ने गुरुवार को विधानसभा में बताया कि मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी की 2024 और 2025 में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (दावोस) यात्राओं के दौरान कुल 44 समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए, जिनकी कुल निवेश राशि 2.19 लाख करोड़ रुपये है। मंत्री ने कहा कि ये सभी निवेश प्रस्ताव फिलहाल विभिन्न चरणों में लागू हो रहे हैं और इनसे राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं के माध्यम से करीब 68,150 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राज्य सरकार ने भूमि आवंटन के जरिए अब तक 1,540 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। सरकार का फोकस निवेश को जमीन पर उतारने और रोजगार सृजन को गति देने पर है, ताकि तेलंगाना को प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में और मजबूत किया जा सके।



राहुल गांधी का हमला: PM मोदी के पास LPG संकट से निपटने की कोई नीति नहीं, कोविड जैसी अव्यवस्था
शर्मनाक हालात! बेटी के अंतिम संस्कार के लिए नहीं मिली लकड़ी, डीजल-टायर से किया दाह संस्कार
टीवीके प्रमुख विजय ने चेन्नई चुनावी दौरा रद्द किया, समय और पुलिस पाबंदियों को बताया कारण
एनडीए सरकार बनते ही सोना तस्करी आरोपियों पर सख्ती, दो महीने में जेल: अमित शाह
बंगाल चुनाव से पहले BJP और TMC में टकराव, हेट स्पीच को लेकर दोनों पार्टियां चुनाव आयोग पहुंचीं
राज्यसभा में 19 नए सदस्यों ने ली शपथ, व्हीलचेयर पर पहुंचे शरद पवार