गृहमंत्री का बड़ा दावा : 'छत्तीसगढ़ से खत्म हुआ 80% नक्सलवाद', क्या बदल गई है बस्तर की तस्वीर?
रायपुर। छत्तीसगढ़ में झीरम घाटी नक्सल हमला लंबे समय तक प्रदेश की सबसे बड़ी आतंकी चुनौती के रूप में देखा जाता रहा है। इसी हमले के मास्टरमाइंड माने जाने वाले नक्सली लीडर चैतू और अनंत ने शुक्रवार को आत्मसमर्पण कर सरकार के सामने हथियार डाल दिए। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों नक्सली अपने अन्य साथियों के साथ पुनर्वास नीति का हिस्सा बनने के लिए आगे आए हैं। यह कदम बस्तर में चल रहे सुरक्षा अभियानों और लगातार दबाव का बड़ा परिणाम माना जा रहा है।
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि नक्सलवाद अब अपनी अंतिम अवस्था में है। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह ने पदभार संभालते ही यह स्पष्ट कर दिया था कि देश में जहां भी समस्या है, उसे समानता और सख्ती के साथ खत्म किया जाएगा। इसी नीति के तहत झीरम घाटी नक्सल हमला से जुड़े बड़े चेहरे अब आत्मसमर्पण करने लगे हैं। डिप्टी सीएम के अनुसार, प्रदेश से 80 प्रतिशत नक्सलवाद समाप्त हो चुका है और शेष 20 प्रतिशत भी निर्धारित समय में खत्म कर दिया जाएगा।
उन्होंने आगे बताया कि बस्तर 2.0 मॉडल के तहत क्षेत्र में जल, जंगल और जमीन पर बस्तरवासियों की भागीदारी बढ़ी है। स्थानीय युवा अब विकास के केंद्र में हैं, जिससे नक्सलवाद और कमजोर हुआ है। डिप्टी सीएम ने यह भी कहा कि कठिन अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद भारत की जीडीपी का बढ़ना देशवासियों के परिश्रम का प्रमाण है।



1984 दंगों के वकील एचएस फूलका BJP में शामिल, पहले AAP से लड़ चुके हैं चुनाव
सिम रैकेट का भंडाफोड़: 600 से ज्यादा भारतीय SIM कार्ड कंबोडिया में स्मगल
ट्रिपल तलाक का मामला फिर सुर्खियों में, पति ने फोन पर कहा
उमंग सिंघार ने महिला सुरक्षा पर उठाए सवाल, सरकार से सख्त कानूनी समीक्षा की मांग
मंदाकिनी चौराहा पर शराब दुकान के खिलाफ फूटा गुस्सा, रहवासियों का जोरदार प्रदर्शन
NCP में सियासी हलचल, Parth Pawar ने किया Praful Patel और Sunil Tatkare का बचाव