नवरात्रि के पहले दिन लेडी कलेक्टर का रौद्र रूप, मीटिंग में अधिकारियों के पतियों को उठाकर पीछे जाने का आदेश
ग्वालियर: नवरात्रि के पहले ही दिन ग्वालियर में लेडी कलेक्टर रुचिका चौहान ने रौद्र रूप दिखाया है। उनके तेवर देखकर मीटिंग रूम में सन्नाटा पसर गया था। कलेक्टर रुचिका चौहान शहर की समस्याओं को लेकर मीटिंग कर रही थीं। मीटिंग में कुछ महिला पार्षदों की जगह उनके पति पहुंचे थे। यह देखकर कलेक्टर मैडम का पारा चढ़ गया। उन्होंने मीटिंग में ही सभी को सुना दिया।
सबको पीछे बैठा दिया
मीटिंग में कलेक्टर रुचिका चौहान सख्त तेवर अख्तियार करते हुए सभी पार्षद पतियों को खरीखोटी सुनाई है। साथ ही उन्हें दो टूक शब्दों में कहा कि आपलोग उठकर पीछे बैठो। बताया जा रहा है कि मीटिंग में चार महिला पार्षदों के पति पहुंचे थे। कलेक्टर के तेवर के सामने उन्हें शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है। सभी को दर्शक दीर्घा में बैठा दिया था।
पत्नियों को काम करने दीजिए
पार्षद पतियों को खरीखोटी सुनाने के बाद कलेक्टर रुचिका चौहान ने कहा कि अब महिलाएं सबल हैं। पत्नियों को ही उनके काम करने दीजिए। दरअसल, इस मीटिंग में शहर की स्वच्छता, पानी की सप्लाई, सड़कों की मरम्मत समेत अन्य समस्याओं पर चर्चा होनी थी। महिला पार्षदों की गैरमौजूदगी में उनके पतियों को खूब सुनाया है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों में आए दिन यह समस्या सामने आते रहती है कि महिला जनप्रतिनिधियों के पति ही उनका काम करते हैं। चंबल इलाके में ही एक मीटिंग के दौरान महिला जनप्रतिनिधि घूंघट में पहुंची थी। उस समय भी यह सवाल उठा था कि महिलाएं सशक्त कैसे होंगी, जब उन्हें काम करने की आजादी ही नहीं मिलेगी। अब देखना होगा कि ग्वालियर कलेक्टर के इस कदम से कितना बदलाव आता है।



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