भाइयों ने मंगेतर के साथ युवक को पकड़ा संदिग्ध स्थिति में, फिर उठाया बड़ा कदम, जंगल में मिली लाश
शिवपुरी: जिले के तेंदुआ थाना अंतर्गत रामराई गांव में एक युवक का शव मिला है। वह अपनी मंगेतर से मिलने आया था। युवक का शव गांव से पांच किमी दूर जंगल में मिला है। परिवार के लोगों ने हत्या की आशंका व्यक्त की है। वहीं, मंगेतर ने भी हत्या की बात स्वीकार की है। पुलिस ने पीएम करवाकर मर्ग कायम कर लिया है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
युवती के साथ हो गई थी सगाई
दरअसल, कोलारस थाना क्षेत्र के शंकरगढ़ निवासी नरेश उर्फ ललित आदिवासी का रामराई गांव की एक युवती सूरज से प्रेम प्रसंग चल रहा था। मृतक के चाचा नंदलाल आदिवासी के अनुसार इसी के चलते परिवारों ने आपसी सहमति से करीब तीन साल पहले दोनों की सगाई कर दी थी। सगाई के बाद नरेश मंगेतर से मिलने के लिए रामराई आता-जाता रहता था, इसी क्रम में वह 7 सितंबर को सूरज की मां और बड़ा भाई कहीं रिश्तेदारी में गए थे।
नरेश को फोन कर घर बुलाया
घर पर सूरज और उसका छोटा भाई अकेला था। इसी के चलते सूरज ने नरेश को फोन लगाकर रामराई बुला लिया। सूरज शाम को बाइक से रामराई पहुंचा और रात के समय वहीं रुका। वहीं, सुबह तक नरेश घर नहीं पहुंचा तो नंदलाल ने सूरज को फोन लगाकर नरेश के बारे में पूछा। सूरज ने स्वीकार किया कि नरेश उसके पास आया था, परंतु अब पता नहीं कहां है, उसकी बाइक यहीं रखी हुई है।
नरेश की खोजबीन शुरू
नंदलाल के अनुसार वह टैक्सी से रामराई पहुंचे और नरेश के बारे में पता किया, लेकिन नरेश का कोई सुराग नहीं लगा। उन्होंने थाने जाकर नरेश की गुमशुदगी दर्ज कराई, इसी दौरान उनके पास किसी ग्रामीण ने फोन लगाकर सूचना दी। नरेश को सूरज के छोटे भाई और बुआ के बेटे ने मिलकर हत्या कर दी। साथ ही शव को जंगल में फेंक आए हैं। नंदलाल ने बताया कि उस स्थान पर जाकर देखा तो वहां शव मिला। साथ ही उसके शरीर पर चोट के निशान थे।
मंगेतर ने बार-बार बदले बयान
वहीं, मृतक के चाचा नंदलाल के अनुसार नरेश की मंगेतर सूरज ने पहले तो उन्हें कोई घटना नहीं बताई। नरेश की हत्या के बारे में जब सूचना मिली तो फिर से सूरज से पूछताछ करने लगे। इस पर सूरज ने कहा कि नरेश जिद कर रहा था कि भागकर शादी कर ले। भागने के लिए वह नहीं तैयार हुई तो नरेश ने आत्महत्या कर ली है।
संदिग्ध हालत में देखने पर भाइयों ने की हत्या
इसके साथ ही नंदलाल की मानें तो बाद में सूरज ने यह स्वीकार कर लिया कि उसके भाइयों ने उसे और नरेश को संदिग्ध हालातों में देख लिया था, इसलिए उन्होंने नरेश को मार दिया।



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