भारतीय रेलवे और कॉनकॉर की सीमेंट परिवहन में ऐतिहासिक पहल
भोपाल । कंटेनरों में सीमेंट लोड करने की सुविधा के साथ बल्क सीमेंट मूवमेंट ने एक नए युग में प्रवेश किया है। कॉनकॉर ने थोक सीमेंट को बैग के स्थान पर लूज (खुली) में परिवहन की सुविधा के लिए पहली बार विशेष टैंक कंटेनर उपलब्ध करवा कर भारत में सीमेंट लॉजिस्टिक्स को बदलने में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया है। आंध्र प्रदेश के मेलचेरुवु में माई होम सीमेंट साइडिंग (एमएमएचएम) से बैंगलोर में कॉनकॉर आईसीडी व्हाइटफील्ड तक इन विशेष टैंक कंटेनरों की वास्तविक समय की आवाजाही सफलतापूर्वक शुरू हो गई है। यह पहल भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों को अभिनव और टिकाऊ लॉजिस्टिक्स समाधान प्रदान करने के लिए भारतीय रेलवे के निरंतर प्रयासों में एक और मील का पत्थर है।
इन टैंक कंटेनरों को रेल नेटवर्क के माध्यम से सीमेंट के कुशल, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल मूवमेंट को सक्षम करके सीमेंट उद्योग का समर्थन करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे पारंपरिक बैग वाले परिवहन पर निर्भरता काफी कम हो जाती है। यह न केवल सीमेंट कंपनियों की परिचालन दक्षता को बढ़ाता है बल्कि भारत के हरित और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा देने के लक्ष्य के अनुरूप भी है। अपनी मजबूत अवसंरचना और बहुविध क्षमताओं का लाभ उठाकर, कॉनकॉर उद्योगों को अत्याधुनिक लॉजिस्टिक्स समाधानों से सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जो लागत प्रभावी और पर्यावरण के लिए जिम्मेदार हैं।



द्वारका नगरी योजना से शहरी विकास को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से बदली तस्वीर
3147 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट का काम शुरु
वर्षा जल संरक्षण में प्रदेश का जनजातीय जिला डिंडोरी देश में प्रथम स्थान पर
चुनाव से पहले सियासी घमासान: पीएम मोदी पर बयान को लेकर खरगे को EC का नोटिस
किसानों को ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के भूअर्जन पर मिलेगा बाजार दर का 4 गुना मुआवजा