पूरे देश में युद्धाभ्यास तेज, भारतीय सेना ड्रोन और राडार तकनीक की कर रही है परीक्षण
Indian Army Capacity Development: भारतीय सेना मानव रहित विमान (UAV), ड्रोन, राडार और बमों सहित अगली पीढ़ी की रक्षा प्रौद्योगिकियों का परीक्षण कर रही है। ये राजस्थान के पोखरण, उत्तर प्रदेश के बबीना और उत्तराखंड के जोशीमठ सहित देश में विभिन्न स्थानों पर परीक्षण किया जा रहा है। शनिवार को रक्षा मंत्रालय ने कहा कि भारतीय सेना अगली पीढ़ी की कई रक्षा प्रौद्योगिकी का कई परीक्षण क्षेत्रों में करीब-करीब युद्ध जैसी परिस्थितियों में परीक्षण कर रही है।
रक्षा निर्माण इकाइयां ले रही भाग
वहीं रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सेना व्यापक प्रतिरक्षा क्षमताओं के विकास और परीक्षण कर रही है। इनमें बड़ी संख्या में रक्षा निर्माण इकाइयां भी भाग ले रही हैं। इन प्रदर्शनों का उद्देश्य युद्ध क्षमता का आकलन करना तथा यह सुनिश्चित करना है कि भारतीय सेना तकनीकी रूप से श्रेष्ठ बनी रहे तथा भविष्य के संघर्षों के लिए परिचालनात्मक रूप से तैयार रहे। बता दें कि आगरा और गोपालपुर में विशेष वायु रक्षा उपकणों का प्रदर्शन किया जायेगा।
थल सेनाध्यक्ष ने देखा स्वदेशी प्रणालियों का प्रदर्शन
थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बबीना में स्वदेशी प्रणालियों का प्रदर्शन देखा, जो ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बढ़ावा देता है। ऑपरेशन शील्ड के तहत सीमावर्ती राज्यों में मॉक ड्रिल भी की जा रही हैं, ताकि दुश्मन की किसी भी हरकत का जवाब दिया जा सके।
बारीकी से किया जा रहा आकलन
बता दें कि इन अभियानों में करीब-करीब वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों में अत्याधुनिक रक्षा प्रणालियों के प्रदर्शन का बारीकी से आकलन किया जा रहा है। इन परीक्षणों में अलग अलग इलेक्ट्रानिक सिमूलेशन को समन्वित कर नई विकसित प्रौद्योगिकियों की क्षमता का आकलन किया जा रहा है।



राशिफल 24 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना बनी आर्थिक संबल
बाल श्रम पर जीरो टॉलरेंस, हर मुक्त बच्चे के पुनर्वास पर होगा विशेष फोकस
महिला एशियन चैंपियनशिप की तैयारियों को लेकर मंत्री सारंग नाथुबरखेड़ा अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का किया निरीक्षण
समान नागरिक संहिता को व्यापक जनसमर्थन
माँ चन्द्रहासिनी आरोग्य धाम बनेगा जनसेवा का नया केंद्र : वित्त मंत्री ओपी चौधरी