ग्राम प्रधान पर फर्जी निवास के आरोप, गांववाले उठाएंगे आवाज़ – विरोध प्रदर्शन शुरू
अगर आपको फर्जी निवास चाहिए तो आप इन ग्राम प्रधान से संपर्क कर सकते हैं… ऐसा हम नहीं कह रहे बल्कि इनकी ग्रामसभा के लोग ही कह रहे हैं. इनका नाम मुकुंद यादव है. महोदय प्रतापगढ़ जिले की डीह बलई ग्रामसभा के ग्राम प्रधान हैं. पहली बार प्रधानी का चुनाव लड़े और जीत भी मिली. युवा चेहरा देख लोगों ने भरपूर समर्थन किया. जिले में सबसे युवा प्रधान होने का तमगा मिला, लेकिन महोदय के ऐसे-ऐसे कारनामे सामने आए कि सबसे भ्रष्ट प्रधानों में गिनती होने लगी. आज ये फर्जी निवास बांटने के आरोपों में घिरे हुए हैं.
ऐसा आरोप इन्हीं की ग्रामसभा के कुशहा गांव के रहने वाले कुछ लोगों ने लगाया है. लोगों का कहना है कि जब हम प्रधान जी के पास जाते हैं तो वह हमारा निवास प्रमाण पत्र ही नहीं बनाते. यहां तक कि पहचानने से इनकार कर देते हैं, जबकि प्रधानी के चुनाव के समय महोदय द्वार-द्वार की खाक छान रहे थे.
बीते दिनों डील बलई ग्रामसभा के कुशहा गांव की आंगनबाड़ी सीट पर भर्ती हुई और एक ऐसी महिला का चयन हो गया, जो न तो डील बलई ग्रामसभा की रहने वाली है और न ही कुशहा गांव की. महिला का नाम बेबी यादव है. आरोप है कि महिला ने ग्राम प्रधान मुकुंद यादव की मिलीभगत से फर्जी कागजात बनवाए और अपने डील बलई ग्रामसभा की निवासी बन गई.
आंगनबाड़ी की भर्ती में फर्जीवाडे़ का आरोप!
महिला का फर्जीवाड़ा तब उजागर हुआ, जब उसका चयन कुशहा गांव की आंगनबाड़ी सीट पर हो गया. कुशहा गांव की ही एक महिला प्रीती देवी ने भी आंगनबाड़ी भर्ती के लिए आवेदन किया था. उन्होंने जब रिजल्ट में बेबी यादव के नाम देखा तो उन्हें फर्जीवाड़े की आशंका हुई. उन्होंने इसकी शिकायत जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी से शिकायती पत्र के माध्यम से की.
जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी से शिकायत की भनक लगते ही ग्राम प्रधान मुकुंद यादव तिलमिला उठे. उन्होंने प्रीती देवी के पति सुमित मिश्रा, जो कि पटना नहर चौराहे पर कपड़े की दुकान चलाते हैं, उन्हें धमकी दी और कहा कि तुम तो कुशहा गांव के निवासी ही नहीं हो तो किस बात का निवास प्रमाण पत्र चाहिए, जबकि महिला बेबी यादव का फर्जी निवास बनाने का आरोप इन्हीं ग्राम प्रधान मुकुंद यादव पर लग रहा है.



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