हनुमान चालीसा के 11 पाठ करना ही क्यों शुभ? आंजन धाम के पुजारी ने बताई खास वजह
मंगलवार और शनिवार का दिन प्रभु श्रीराम के सबसे प्रिय भक्त हनुमानजी को समर्पित होता है. इसलिए इन दोनों दिन हनुमानजी की विशेष पूजा की जाती है. हनुमान भक्त यूं तो रोजाना हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं, लेकिन बहुत से भक्त ऐसे भी हैं जो मंगलवार या शनिवार को हनुमान चालीसा के 11 पाठ करते हैं. झारखंड के गुमला में स्थित आंजन धाम को भगवान हनुमान की जन्मस्थली माना जाता है.
आंजन धाम हनुमानजी के बाल स्वरूप की दुर्लभ प्रतिमा के लिए भी जाना जाता है, यहां हनुमानजी अपने बाल स्वरूप में माता अंजनी की गोद में विराजमान हैं, जो हनुमानजी की अति दुर्लभ प्रतिमा है. यह स्थान धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि मान्यता के अनुसार इसी पहाड़ की गुफा में माता अंजनी ने भगवान हनुमान को जन्म दिया था, इसलिए इस गांव का नाम माता अंजनी के नाम पर आंजन धाम पड़ा.
हनुमान पूजा में दो दिन खास
आंजन धाम के पुजारी केदारनाथ पांडे ने बताया कि मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व है. ऐसा माना जाता है कि इन दो दिनों में सच्चे मन से पूजा करने पर बजरंगबली अपने भक्तों से प्रसन्न होते हैं. अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं और हनुमान जी अपने भक्तों की सभी संकटों को हरते हैं. सुख, शांति, समृद्धि प्रदान करते हैं.
इतनी बार करें चालीसा का पाठ
पुजारी जी ने बताया कि यदि आप भी हनुमानजी की कृपा पाना चाहते हैं तो कम से कम मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ जरूर करें. फिर आरती करें. वहीं, आप हनुमान चालीसा का पाठ अपनी क्षमता के अनुसार 7, 11, 21, 51 या 101 बार कर सकते हैं.
इसलिए 11 बार पाठ करना शुभ
आगे बताया, मान्यता के अनुसार, हनुमान जी शिव जी के 11वें अवतार हैं. हनुमानजी को प्रसन्न करना चाहते हैं तो कम से कम 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करें. उसके बाद आरती करें तो निश्चित ही हनुमान जी आपसे प्रसन्न होंगे. आप और आपके परिवार पर कृपा बरसाएंगे. इसलिए 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ करना बेहद शुभ माना गया है.
पाठ के समय न करें ये गलती
हनुमान चालीसा पाठ करते समय बीच में बातचीत न करें या किसी को कुछ न बोलें. हड़बड़ी में जल्दी-जल्दी पाठ न करें. पाठ करने वाले को तामसिक चीजों से दूर रहना चाहिए. काले वस्त्र पहनकर हनुमान चालीसा का पाठ या पूजा न करें. मन में गलत भाव न लाएं.



‘बंगाल को आतंक, माफिया राज और भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया’
दुष्कर्म पीड़िता को 10 हफ्ते के गर्भ को समाप्त करने की हाईकोर्ट ने दी अनुमति
संसद में प्रधानमंत्री की बात: ‘मंथन से अमृत निकलेगा’, संशोधन पर सहयोग की अपील