अमिताभ कांत: उचित जल प्रबंधन से भारत की अर्थव्यवस्था 30 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है
भारत के जी-20 शेरपा और नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत ने कहा कि यदि जल संसाधनों का उचित प्रबंधन किया जाए तो भारत की अर्थव्यवस्था को 30 ट्रिलियन डालर तक पहुंचाया जा सकता है। देश की आबादी और जल संसाधनों के बीच भारी असमानता है।
भारत में वैश्विक आबादी का 17 प्रतिशत हिस्सा रहता है, लेकिन दुनिया के मीठे पानी के संसाधनों के केवल चार प्रतिशत तक ही उसकी पहुंच है। वर्तमान में 75 प्रतिशत घरों में पीने के पानी की पहुंच नहीं है।
अमिताभ कांत जल शक्ति मंत्रालय के सहयोग से फिक्की की ओर से आयोजित 10वें भारत उद्योग जल कान्क्लेव और फिक्की जल अवार्ड्स समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जल सुरक्षा की चुनौतियां महत्वाकांक्षी आर्थिक विकास लक्ष्यों को बड़े स्तर पर प्रभावित कर सकती हैं।
पर्यावरणीय हितैषी तरीके से विकास करने और नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने की हमारी क्षमता इस बात पर निर्भर करती है कि हम इस महत्वपूर्ण संसाधन का प्रबंधन कैसे करते हैं। इसके लिए जरूरी है कि स्थानीय जल निकायों को बहाल किया जाए। उसकी निगरानी के लिए उन्नत तकनीक का उपयोग हो तथा समुदाय आधारित जल प्रबंधन को बढ़ावा मिले।
राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के पूर्व महानिदेशक ने कहा कि हमें खेती में जल मितव्ययता को बढ़ावा देने के साथ प्रति बूंद अधिक शुद्ध आय प्राप्त करने की आवश्यकता है और किसानों को सूक्ष्म ¨सचाई उन्नत तकनीकी उपलब्ध कराने के मामले में उद्योग बड़ी सहायता कर सकता है। फिक्की जल मिशन की अध्यक्ष और फिक्की की पूर्व अध्यक्ष नैना लाल किदवई ने सतत जल उपयोग में उद्योग की जिम्मेदारी पर जोर दिया।



Subrahmanyam Jaishankar का फोकस: आर्थिक रिश्तों को नई रफ्तार
Bharatiya Janata Party की सरकार गठन तैयारी तेज, Amit Shah बंगाल के पर्यवेक्षक
RCB से जुड़ी यादों में डूबे Virat Kohli, बोले- ये परिवार जैसा साथ था
KL Rahul ने पिता बनने के बाद साझा किए भावुक अनुभव
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पत्थलगांव – कुनकुरी सड़क मरम्मत में आई तेजी
कृषि क्रांति की ओर बढ़ता जशपुर : किसानों ने रायपुर में किया अध्ययन भ्रमण